परवल (सब्जी) की उन्नत फसल

परवल सब्जी की फसलो में आता है, इसकी खेती बहुवर्षीय की जाती हैI इसे ज्यादातर पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल में उगाया जाता हैI लेकिन असम, ओडिसा, मध्य प्रदेश , महाराष्ट्रा एवं गुजरात के कुछ भागो में इसकी खेती की जाती हैI इसके साथ ही बिहार की दियार भूमि तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के रैनफेड क्षेत्र में अत्याधिक खेती की जाती हैI इसमे विटामिन ए एवं सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैI
जलवायु 
परवल को गर्म और आर्द्र जल वायु कि आवश्यकता होती है औसत वार्षिक वर्षा 100-150 से.मी,तक होती है ।

गेहूं का रकबा 2.11 करोड़ हेक्टेयर पहुंचा

गेहूं का रकबा 2.11 करोड़ हेक्टेयर पहुंचा

 सर्दी के जोर पकड़ते-पकड़ते गेहूं की बुवाई ने भी देश में गति पकड़ ली है। अभी तक (2 दिसम्बर की स्थिति में) गेहूं की बुवाई  211 लाख हेक्टेयर पार कर गई है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 200 लाख हेक्टेयर पहुंच पाई थी। वहीं दलहनी फसल में प्रमुख फसल चना भी 112.67 लाख हेक्टेयर में बोया गया है जबकि समान अवधि में गत वर्ष 108.57 लाख हेक्टेयर हो पाया था।

कृषि मंत्रालय द्वारा 2 दिसम्बर को जारी बुवाई की प्रगति के मुताबिक देश में रबी फसलों की बुवाई कुल मिलाकर 450.61 लाख हेक्टेयर हो गई है। रबी का सामान्य क्षेत्रफल 633.80 लाख हेक्टेयर आंका गया है।

पिस्ता की खेती

आवश्यक जलवायु

पिस्ता की फसल के लिए मौसम की स्थिति बेहद अहम तत्व है। पिस्ता के बादाम को दिन का तापमान 36 डिग्री सेटीग्रेड से ज्यादा चाहिए। वहीं, ठंड के महीने में 7 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान उनके शिथिल अवधि के लिए पर्याप्त है। इसके पेड़ ज्यादा ऊंचाई वाली जगहों पर ठंडे तापमान की वजह से अच्छी तरह बढ़ नहीं पाते हैं। भारत में पिस्ता के नट्स यानी बादाम को बढ़ने के लिए जम्मू-कश्मीर प्राकृतिक जगह है। पिस्ता के लिए आवश्यक

मिट्टी

Pages