बदलता परिदृश्य और भारत में GM फसलों का भविष्य

बदलता परिदृश्य और भारत में GM फसलों का भविष्य

हाल ही में, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत काम करने वाली जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति (GEAC) ने आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) सरसों के व्यावसायिक रिलीज से पहले बीज उत्पादन को मंजूरी दे दी है. जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति (GEAC) पर्यावरणीय दृष्टिकोण से अनुसंधान और औद्योगिक उत्पादन में खतरनाक सूक्ष्मजीवों और पुनःसंयोजकों के बड़े पैमाने पर उपयोग से संबंधित गतिविधियों के मूल्यांकन के लिए जिम्मेदार है. GEAC की अध्यक्षता MoEF&CC के विशेष सचिव/अतिरिक्त सचिव तथा सह-अध्यक्षता जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के एक प्रतिनिधि द्वारा की जाती है.

मटर की खेती

मटर की फसल के लिए उन्नत विधि

खेत की तैयारी- मटर की खेती के लिए गंगा के मैदानी भागों की गहरी दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे अच्छी मानी जाती है. हालांकि मटर की खेती बलुई, चिकनी मिट्टी में भी आसानी से की जा सकती है. खरीफ की कटाई के बाद खेत को दो से तीन बार हल से अच्छी तरह जोताई कर दें. अब इस पर पाटा लगा दें. बीजों के अच्छे अंकुरण के लिए मिट्टी में नमी होना जरूरी है.

अब खाद सप्लाई में नहीं होगी देरी, जानें UP के कृषि मंत्री और रेल मंत्री के बीच क्या हुई बातचीत

अब खाद सप्लाई में नहीं होगी देरी, जानें UP के कृषि मंत्री और रेल मंत्री के बीच क्या हुई बातचीत

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से राज्य में ट्रेनों द्वार डीएपी और यूरिया की ढुलाई में हो रही देरी को कम करने के लिए कहा है. सूर्य प्रताप शाही के अनुसार, डीएपी और यूरिया खाद की ढुलाई में बंदरगाह से स्टेशन तक 8-10 दिन लगते हैं. वहीं, कई स्टेशन ऐसे भी हैं जहां प्रतिबंधों के कारण यूरिया की सप्लाई रुकी हुई है. यही वजह है कि ढुलाई में तेजी लाने के लिए सूर्य प्रताप शाही ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की.

26.92 लाख किसानों को बिना ब्याज के 12 हजार 811 करोड़ का लोन

26.92 लाख किसानों को बिना ब्याज के 12 हजार 811 करोड़ का लोन

कृषि कार्यों के लिए किसानों को पैसों की तंगी का सामना ना करना पड़े. इस उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर कई कृषि योजनाएं चला रही हैं.इस कड़ी में राजस्थान सरकार भी आगे आई है. राज्य सरकार ने 25 नवंबर तक 26.92 लाख किसानों को बिना ब्याज के 12 हजार 811 करोड़ का लोन दिया है. इस साल 1.29 लाख नए किसान भी स्कीम से जुड़े हैं, जिन्हें 233 करोड़ रुपये का फसल लोन मिला है. अब कृषि लोन की इस शानदार स्कीम में मार्च 2023 तक 3.17 लाख किसानों को शामिल करने का प्लान है. इसके लिए किसानों को सहकारी समितियों से जोड़ा जा रहा है. ये आसान प्रोसेस के जरिए किसानों को लोन उपलब्ध करवाती है.

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