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गेहूं

गेहूं (Wheat ; वैज्ञानिक नाम : Triticum spp.) मध्य पूर्व के लेवांत क्षेत्र से आई एक घास है जिसकी खेती दुनिया भर में की जाती है। विश्व भर में, भोजन के लिए उगाई जाने वाली धान्य फसलों मे मक्का के बाद गेहूं दूसरी सबसे ज्यादा उगाई जाने वाले फसल है, धान का स्थान गेहूं के ठीक बाद तीसरे स्थान पर आता है। गेहूं के दाने और दानों को पीस कर प्राप्त हुआ आटा रोटी, डबलरोटी (ब्रेड), कुकीज, केक, दलिया, पास्ता, रस, सिवईं, नूडल्स आदि बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है। गेहूं का किण्वन कर बियर, शराब, वोद्का और जैवईंधन बनाया जाता है। गेहूं की एक सीमित मात्रा मे पशुओं के चारे के रूप में प्रयोग किया जाता है और इसके भूसे को पशुओं के चारे या छत/छप्पर के लिए निर्माण सामग्री के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

हालांकि दुनिया भर मे आहार प्रोटीन और खाद्य आपूर्ति का अधिकांश गेहूं द्वारा पूरा किया जाता है, लेकिन गेहूं मे पाये जाने वाले एक प्रोटीन ग्लूटेन के कारण विश्व का 100 से 200 लोगों में से एक व्यक्ति पेट के रोगों से ग्रस्त है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की इस प्रोटीन के प्रति हुई प्रतिक्रिया का परिणाम है।

गेहूं फसल में जड़ माहू का प्रकोप

गेहूं में जड़ माहू का प्रकोप

इन दिनों रबी सीजन की गेहूं फसल में जड़ माहू का प्रकोप लगने से किसान परेशान हैं। किसानों द्वारा बताये जाने पर kisanhelp की टीम ने उत्तर प्रदेश के बरेली , पीलीभीत ,शाहजहांपुर आगरा मध्य प्रदेश के रतलाम ,हरदा ,अशोक नगर के गांवों में जाकर रोग की जानकारी दी । जहां पर गेहूं फसल में जड़माहू का प्रकोप मिला। जड़ माहू के प्रकोपित पौधों को उखाड़कर सफेद पेपर पर रखकर देखने पर भूरे रंग के बारिक-बारिक माहू दिखाई दिए, जो कि पौधों की तने जड़ से रस चूसते हैं, जिसके कारण पौधे पीले पडऩे लगते हैं।

जड़ माहू रोग

गेहूं का रकबा 2.11 करोड़ हेक्टेयर पहुंचा

गेहूं का रकबा 2.11 करोड़ हेक्टेयर पहुंचा

 सर्दी के जोर पकड़ते-पकड़ते गेहूं की बुवाई ने भी देश में गति पकड़ ली है। अभी तक (2 दिसम्बर की स्थिति में) गेहूं की बुवाई  211 लाख हेक्टेयर पार कर गई है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 200 लाख हेक्टेयर पहुंच पाई थी। वहीं दलहनी फसल में प्रमुख फसल चना भी 112.67 लाख हेक्टेयर में बोया गया है जबकि समान अवधि में गत वर्ष 108.57 लाख हेक्टेयर हो पाया था।

कृषि मंत्रालय द्वारा 2 दिसम्बर को जारी बुवाई की प्रगति के मुताबिक देश में रबी फसलों की बुवाई कुल मिलाकर 450.61 लाख हेक्टेयर हो गई है। रबी का सामान्य क्षेत्रफल 633.80 लाख हेक्टेयर आंका गया है।

लॉकडाउन 2 के चलते किसानों को 3 दिन के भीतर मिलेगा फसलों का दाम

लॉकडाउन 2 के चलते किसानों को 3 दिन के भीतर मिलेगा फसलों का दाम

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि किसानों से खरीदी गई फसलों के दाम का भुगतान महज तीन दिन के भीतर किया जाएगा और राज्यों से फसल खरीद की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया है। कोरोनावायरस की रोकथाम के मद्देनजर देशव्यापी लॉकडाउन के बावजूद मध्यप्रदेश और पंजाब समेत कई राज्यों में गेहूं की सरकारी खरीद बुधवार से शुरू हो रही है। हरियाणा ने पहले सरसों और बाद में 20 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू करने की घोषणा की है। कैलाश चौधरी ने आईएएनएस से कहा, “कोरोना महामारी के संकट की घड़ी में केंद्र सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनके हित में कई फैसले लिए गए हैं”'

राज्यों के हार्वेस्टर ड्राइवरों को मिलेगा पास

राज्यों के हार्वेस्टर ड्राइवरों को मिलेगा पास

किसानों ने रबी फसलों की कटाई करना शुरू कर दिया है. बिहार के किसान भी पूरी तैयारी के साथ खेतों में जुट गए हैं. बता दें कि किसान गेहूं की कटाई कई प्रकार के कृषि यंत्रों से करते हैं. इसके लिए पंजाब समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में कृषि यंत्र मांगाए जाते हैं. लॉकडाउन में केंद्र और राज्य सरकार ने कृषि संबंधित कार्यों और वाहनों को छूट दे दी है. ऐसे में सरकार ने एक अहम फैसला लिया है कि कृषि संबंधी सभी वाहनों के लिए जिला स्तर पर एक पास जारी किया जाएगा.

इन राज्यों से हार्वेस्टर के ड्राइवरों को मिलेगा पास

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