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फसल बीमा

फसल बीमा

किसानों की फसलों को प्राकृतिक आपदाओं और अनिशिचित हानियों से बचाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा एक योजना चलाई जाती है जिसमें किसान बहुत ही कम धन राशि का भुगतान करके अनिशिचित रूप से होने वाली हानि से स्वम् को बचा सकता है ताकि वह अपनी अगली फसल आसानी से ले सके तथा उसका परिवार सुरक्षित रह सके 

 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से फसल बीमा संरक्षण का दायरा कुल 19.44 करोड़ हेक्टेयर फसल क्षेत्र के 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा जो फिलहाल इसके 25-27 प्रतिशत रकबे तक ही है. इससे इस योजना पर व्यय बढ़कर करीब 9,500 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. उन्होंने बताया कि इस योजना में प्रीमियम पर कोई सीमा नहीं होगी और बीमित राशि में भी कमी नहीं की जाएगी. इसके साथ ही संभावित दावे के 25 प्रतिशत के बराबर राशि का भुगतान सीधे किसानों के खाते में किया जाएगा और पूरे राज्य के लिए एक बीमा कंपनी होगी. साथ ही यही कंपनी स्थानीय जोखिम के लिए कृषि पर नुकसान और फसल के बाद नुकसान का आकलन भी वही करेगी.

 

भारतीय कृषि बीमा कंपनी लिमिटेड के साथ निजी बीमा कंपनियां इस योजना का कार्यान्वयन करेंगी. दावों से जुडा़ सारा उत्तरदायित्व बीमाकर्ता का होगा और सरकार शुरू में ही प्रीमियम सब्सिडी देगी. नयी योजना महत्वपूर्ण है क्योंकि देश मानसूनी बारिश में कमी के कारण लगातार दूसरे साल सूखे का सामना कर रहा है और सरकार चाहती है कि बीमा के दायरे में कुछ और फसलों को शामिल किया जाए ताकि किसानों को मानसून की अनिश्चितता से बचाया जा सके.

कोरोना लॉकडाउन से किसान परेशान , आर्थिक पैकेज में किसानों के लिए कुछ नहीं

कोरोना लॉकडाउन से किसान परेशान , आर्थिक पैकेज में किसानों के लिए कुछ नहीं

रवी फसल पूरी तैयार व कटाई हो रही है, उधर उत्तर प्रदेश में गन्ना कटाई व बुबाई चल रही है ।देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 25 मार्च से 14 अप्रेल तक के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश में 21 दिनों तक के लिए लॉकडाउन की घोषणा कर दी है | इसमें सभी प्रकार के ट्रांसपोटेशन के साथ–साथ देशवासियों को घर में रहने की अपील की गई है | इससे पूरी तरह से जनजीवन थम गया है | जबकि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब देश में रबी फसलों की कटाई जोरों पर है जो अब थम गई है | पुलिस प्रशासन द्वारा किसानों को खेती कार्य करने पर जुर्माना लगाया जा रहा है।

बजट 2017 और किसान

बजट 2017 और किसान

केन्‍द्रीय वित्‍तमंत्री श्री अरूण जेटली ने बुधवार को संसद में वर्ष 2017-18 का आम बजट पेश करते हुए बताया कि सरकार को मानसून की स्थिति बेहतर रहने से चालू वर्ष 2016-17 के दौरान कृषि क्षेत्र में 4.1 प्रतिशत होने की उम्‍मीद है। 

बजट में कुछ खास बातें निम्न प्रकार से हैं 

फसल बीमा की राशि

फसल बीमा योजना का विस्‍तार जो 2016-17 में फसल क्षेत्र का 30 प्रतिशत है, उसे 2017-18 में बढ़ाकर 40 प्रतिशत और 2018-19 में बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाएगा। इसके लिए पिछले साल के 5500 करोड़ से बढ़ाकर 13,240 करोड़ कर दिया गया है।

नोटबंदी पर किसानों को बड़ी राहत, निकाल सकेंगे ज्यादा रुपए

नोटबंदी पर किसानों को बड़ी राहत, निकाल सकेंगे ज्यादा रुपए

सरकार ने खेती-किसानी के क्षेत्र में नकदी की समस्या को देखते हुए गुरुवार को किसानों और छोटे व्यापारियों को बैंकों से नकदी निकालने में कुछ राहत दी है। किसान और छोटे व्यापारी अब बैंकों से सप्ताह में 50,000 रुपए तक की नकदी निकाल सकेंगे।  

संशोधित बटाईदार कानून से आसान हो जाएगी खेती

संशोधित बटाईदार कानून से आसान हो जाएगी खेती

कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों की आमदनी को दोगुना करने की दिशा में सरकार ने सक्रिय पहल की है। इसके लिए राज्यों से अपने भू राजस्व कानून में संशोधन का आग्रह किया गया है, ताकि किसानों के हित में चलाई गई योजनाओं का लाभ उन्हें मिल सके। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को मध्य प्रदेश के संशोधित विधेयक का मसौदा भेजा है। इससे खेती की मुश्किलें आसान हो जाएंगी।

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