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तोरई

तोरई का फल
तोरई, या तुरई (वैज्ञानिक नाम : Luffa acutangula) एक लता है जिसके फल सब्जी बनाने के काम आते हैं। यह वर्षा ऋतु में पैदा होती है।

तोरई बेल वाली फसल है, जो जायद तथा खरीफ ऋतु में सफलतापूर्वक देश के कई स्थानों में लगायी जाती है। इसके नर व मादा पुष्प एक ही बेल पर अलग-अलग स्थान पर तथा अलग-अलग समय पर खिलते हैं। नर पुष्प पहले तथा गुच्छों में लगते हैं जबकि मादा पुष्प बेल की पार्श्र्व शाखाओं पर व अकेले लगते हैं। पुष्प का रंग चमकीला पीला एवं आकर्षक होता है। मादा पुष्प के निचले भाग में फल की आकृतियुक्त अण्डाशय होता है जो निषेचन के पश्चात फल का निर्माण करता है। पुष्प सांयकाल में 5 से 8 बजे के दौरान खिलते हैं। पुष्पन के दौरान नर पुष्पों से जीवित व सक्रिय परागकण प्राप्त होते हैं, साथ ही मादा पुष्पों की वर्तिकाग्र निषेचन के लिए अत्यधिक सक्रिय होती है। तुरई मे परपरागण द्वारा निषेचन होता है जो मुख्यत: मधुमक्खियों द्वारा सम्पन्न होता है।

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए लता वर्गीय सब्जियों के बीज पर 100% अनुदान

लता वर्गीय सब्जियों के बीज पर 100% अनुदान

उपनिदेशक उधान बरेली मण्डल द्वारा बरेली मण्डल के जनपद बरेली , पीलीभीत ,बदायुं एवं शाहाजहाँपुर में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंर्तगत वर्ष 2015 -16 में किर्यन्वन हेतु नर्सरी सीडिंग इनलो टनल पौली नेट एंड प्रोडक्शन आफ हाई वैल्यू वैजीटेबलस परियोजना संचालित हो रही है यह योजना पूरे प्रदेश के किसानों के लिए उपलब्ध है उपनिदेशक उधान बरेली मण्डल ने योजना की जानकारी देते हुए बताया की इस योजना के अंतर्गत जायद मौसम में लता वर्गीय लौकी , तोरई ,करेला ,खीरा आदि का वितरण  किया जायेगा इस योजना के अंर्तगत किसान भाइयों द्वारा मन पसंद बीज खरीदने की आजादी होगी तथा उसकी रसीद उद्यान विभाग कार्यालयों पर जमा कर दे