Error message

  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).

3.6 अरब लोगों पर पानी का संकट,भारत भी प्रभावित: विश्व मौसम विज्ञान संगठन

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने अपनी स्टेट ऑफ ग्लोबल वाटर रिसोर्सेज 2021 रिपोर्ट में कहा है कि वर्तमान में लगभग 3.6 अरब लोगों को प्रति वर्ष कम से कम एक महीने, पानी की अपर्याप्त पहुंच का सामना करना पड़ता है। यह आंकड़ा 2050 तक बढ़कर 5 अरब से अधिक होने का अनुमान है। मंगलवार को प्रकाशित रिपोर्ट में पृथ्वी के जल संसाधनों पर जलवायु, पर्यावरण और सामाजिक परिवर्तन के प्रभावों का आकलन किया गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, इसका उद्देश्य बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के युग में वैश्विक मीठे पानी के संसाधनों की निगरानी और प्रबंधन को बढ़ावा देना है 

पूरे देश की आधारशिला है किसान :- डॉ.आर.के.सिंह

किसान दिवस  पूरा देश की आधारशिला है किसान

किसान हेल्प और लाईवा फाउंडेशन ने पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत चौधरी चरण सिंह के जन्म दिवस 23 दिसम्बर को  किसान  दिवस के रुप में मनाया ।  23 दिसम्बर को पूरे देश में किसान दिवस के अवसर पर किसान हैल्प के राष्ट्रीय अध्यक्ष व लाईवा फाउंडेशन के डायरेक्टर डॉ आर.के .सिंह कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में 70% भागीदारी रखने वाला किसान आज़ादी से लेकर आजतक उपेक्षित रहा है किसानों को दुवारा

लौकी ,तोरई टिंडा आदि फसलों में आने वाले रोग व उनके उपचार

गर्मियों में बेल वाली सब्जियाँ जैसे लौकी, तरोई, टिंडा आदि की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है और इनकी खेती करके प्रति इकाई क्षेत्रफल में अच्छा लाभ कमाया जा सकता है। यदि इन सब्जियों की खेती में कुछ सामान्य रोग और व्याधियों का ध्यान दिया जाए तो प्रति इकाई क्षेत्रफल से कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इस मौसम में चूंकि गेहूं की फसल पक रही होती है या कट चुकी होती है। ऐसे में रस चूसने वाले कीट व पत्ती खाने वाले कीट अपना आश्रय ढूंढते हैं और ज्यादातर कीट सब्जी के फसलों में लग जाते हैं। इस प्रकार से बेल वाली सब्जियों में भी कई प्रकार के कीट आक्रमण करते हैं, जिनमें प्रमुख

चना की खेती

चना एक सबसे महत्वपूर्ण दलहनी फसल मानी जाती है. चने के पौधे की हरी पत्तियां साग और हरा सूखा दाना सब्जियां बनाने में प्रयुक्त होता है. चने के दाने से अलग किए हुए छिलके को पशु चाव से खाते हैं. चने की फसल आगामी फसलों के लिए मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिर करती है, इससे खेत की उर्वरा शक्ति भी बढ़ती है.

चना की खेती के लिए भूमि की तैयारी

Pages