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मसूर की फसल में प्रमुख कीट और रोगों पर समेकित नियंत्रण

मसूर का दलहनी फसलों में महत्वपूर्ण स्थान है। इसकी खेती रबी ऋतु में की जाती है। भारत में मसूर की खेती प्रमुखतः मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र बिहार पं बंगाल व राजस्थान में होती है।मसूर की फसल को बहुत से हानिकारक कीट और रोग नुकसान पहुचाते है| जिससे किसानों को मसूर की फसल से अपनी इच्छित उपज प्राप्त नही हो पाती है| यदि समय पर आर्थिक स्तर से अधिक हानि पहुचाने वाले कीट एवं रोगों पर नियंत्रण कर लिया जाए तो मसूर की फसल से अच्छी पैदावार प्राप्त की जा सकती है| इस लेख में मसूर की फसल में प्रमुख कीट और रोगों पर समेकित नियंत्रण कैसे करें

म्लानि (उकठा रोग)

जीरा की उन्नत खेती

जीरा का वानस्पतिक नाम है Cuminum cyminum । भारत में यह 'जीरा' या हिंदी में 'Zeera' के रूप में जाना जाता है। यह विभिन्न खाद्य तैयारी स्वादिष्ट बनाने के लिए भारतीय रसोई में इस्तेमाल एक महत्वपूर्ण मसाला है। जीरा का स्वाद एक वाष्पशील तेल की उपस्थिति की वजह से है। जीरा के स्वदेशी किस्मों में, इस वाष्पशील तेल 2.5-3.5% तक मौजूद है। जीरा बड़े पैमाने पर भी विशेष रूप से मोटापा, पेट दर्द और dyspesia जैसी स्थितियों के लिए विभिन्न आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल किया जाता है।17.7% प्रोटीन, 23.8% वसा, 35.5% कार्बोहाइड्रेट और 7.7% खनिज इस प्रकार है: जीरा के पोषण का महत्व है।

मचान खेती के हैं अनेकों फ़ायदे, इस विधि से उगाएं सब्ज़ियां

भारत में कई सब्जियां मचान पर उगाई जाती हैं, इन्हें स्थानीय किसान ‘पंडाल’ कहते हैं. मचान खेती कृषि पद्धति के रूप में 14वीं और 15वीं शताब्दी से चली आ रही है.

भारत में कृषि पद्धतियों का कई हज़ार वर्षों का इतिहास रहा है, जिसके शुरुआती साक्ष्य सिंधु घाटी सभ्यता के स्थलों, जैसे कि हरियाणा में भिरड़ाणा और राखीगढ़ी, गुजरात में धोलावीरा में पाए जाते हैं. विविधता भारतीय जीवन शैली के विभिन्न क्षेत्रों में प्रसिद्ध रूप से मनाई जाती है और कृषि कोई अपवाद नहीं है.

पत्ता गोभी (बंद गोभी) की खेती

पत्ता गोभी की खेती
यह रबी मौसम की एक महत्वपूर्ण सब्जी है । पत्ता गोभी, उपयोगी पत्तेदार सब्जी है। उत्पति स्थल मूध्य सागरीय क्षेत्र और
साइप्रस में माना जाता है। पुर्तगालियों द्वारा भारत में लाया गया।  जिसका उत्पादन देश के प्रत्येक प्रदेश में किया जाता है । इसे बन्धा तथा बंदगोभी के नाम से भी पुकारा जाता है । पत्ता गोभी में विशेष मनमोहक सुगन्ध ‘सिनीग्रिन’ ग्लूकोसाइड के कारण होती
है। पोष्टिक तत्वों से भरपूर होती है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन ‘ए’ और ‘सी’ तथा कैल्शियम, फास्फोरस खनिज होते है। इसका उपयोग सब्जी और सलाद के रूप में किया जाता है। सुखाकर तथा आचार तैयार

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