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सिक्किम बना देश का पहले जैविक राज्य

सिक्किम बना देश का पहले जैविक राज्य

सिक्किम देश का पहला पूरी तरह जैविक राज्य बन गया है। राज्य में करीब 75 हजार हैक्टेयर कृषि भूमि में सिर्फ टिकाऊ खेती होने लगी है। सिक्किम के जैविक मिशन के कार्यकारी निदेशक डॉ. अनबालागन ने बताया कि दिसंबर के अंत में राज्य ने पूर्ण जैविक राज्य का दर्जा हासिल कर लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जनवरी को गंगटोक में टिकाऊ खेती सम्मेलन में इसका औपचारिक रूप से एलान करेंगे।

ऐसे होने लगी जैविक खेती

उन्होंने बताया कि राज्य की 75 हजार हैक्टेयर कृषि भूमि को धीरे-धीरे प्रमाणिक जैविक भूमि में बदला गया। इसके लिए राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों के अनुसार जैविक सिद्धांतों और प्रक्रियाओं को अपनाया गया।

12 साल पहले शुरूआत

बारह साल पहले 2003 में तत्कालीन पवन चामलिंग सरकार ने सिक्किम को जैविक खेती वाला राज्य बनाने का फैसला किया था। इसका एलान राज्य विधानसभा में किया गया था।

क्या है जैविक खेती

बाद में राज्य में खेती में काम आने वाले रसायनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इनकी बिक्री रोक दी गई। किसानों के पास जैविक विकल्प अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। जैविक खेती में रासायनिक कीटनाशकों और रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल नहीं होता है। इनके इस्तेमाल से पारिस्थितिकी तंत्र की जटिल श्रृंखला के साथ तालमेल बैठाने में दिक्कतें आती हैं।

ऐसे रिसॉर्ट्स जहां सबकुछ ताजा मिलेगा

राज्य के कृषि सचिव खोरलो भूटिया ने बताया कि आगे चलकर जैविक खेती से पर्यावरण संरक्षण होता ही है, जैव विविधता संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा राज्य में पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्य में ऐसे रिसॉर्ट्स बन गए हैं, जहां पर्यटक उनके किचन गार्डन से ताजा जैविक साग-सब्जियां आदि तोड़कर, पकाकर ताजा खाना खा सकते हैं।

इनकी होती है खेती

सिक्किम में मुख्य रूप से बड़ी इलायची, हल्दी, अदरक, ऑफ सीजन सब्जियां, फूल, सिक्किम नारंगी, किवी फल, कूटू, धान, मक्का और जौ का उत्पादन होता है। चूंकि सिक्किम के किसान कभी भी रसायनों पर अधिक निर्भर नहीं रहे इसलिए जैविक खेती अपनाने से उपज में कोई कमी नहीं आई। रासायनिक उर्वरक व कीटनाशकों का उपयोग प्रति हैक्टेयर 8-12 किलो ही था।

जैविक उत्पादों की भारी मांग

जैविक उत्पादों की दुनियाभर में भारी मांग है। बाजार में इन्हें अच्छी कीमत मिलती है। स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूक लोगों में इन उत्पादों को काफी पसंद किया जाता है। सिक्किम में करीब 80 हजार टन कृषि उत्पादों का उत्पादन होता है। जबकि देश में कुल जैविक कृषि उत्पादन 12.40 लाख टन है। देश में मात्र 7.23 लाख हैक्टेयर में जैविक खेती हो रही है। मिजोरम, केरल और अरुणाचल जैसे अन्य राज्य भी जैविक तरीका अपनाने की ओर अग्रसर हैं।

साभार नई दुनिया