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रेशा

रेशा (fiber) किसी प्राकृतिक या कृत्रिम पदार्थों के बने पतले तंतु को कहते हैं। यह ऊन, कपास, कागज़, पेड़ों की छाल, पॉलिएस्टर और कई अन्य सामग्रियों के हो सकते हैं। आम तौर पर पतले तंतु को ही रेशा कहा जाता है। मोटे तंतुओं को अक्सर 'रज्जू' (chord) कहा जाता है। मानवीय प्रयोग में कई प्रकार के रेशों को बुनकर चीज़ें बनाई जाती है, उदाहरण के लिये वस्त्र।

मटर की बुवाई का सही समय

मटर की बुवाई का सही समय

शीतकालीन सब्जियों में मटर की सबसे ज्यादा मांग होती है। आजकल मटर की डिब्बा बंदी भी काफी लोकप्रिय है। इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फास्फोरस, रेशा, पोटेशियम एवं विटामिन्स पाया जाता है। देश भर मे इसकी खेती व्यावसायिक रूप से की जाती है।

खेत की तैयारी

सब्जी मटर के लिए बलुई दोमट सबसे उपयुक्त मानी जाती है। यह भी ध्यान रहे कि खेत में जल निकास का अच्छा प्रबन्ध हो और भूमि का पीएच मान 6-7 के बीच हो। पहले मिट्टी पलटने वाले हल से तथा बाद में देसी हल से खेत की जोताई कर पाटा चलाए।

बुवाई का समय