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सफेदमूसली

आदि प्राचीन काल से ही न केवल चलन में हैं, बल्कि विज्ञान और तकनीक के विकास के बाद भी इनकी प्राथमिकता कम नहीं हुई है। सफेद मूसली भी ऐसी ही एक जड़ी-बूटी है, जो शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए काफी मशहूर है।सफेद मूसली शीघ्रपतन के देसी इलाज के काफी मशहूर है। कौंच के बीज, सफेद मूसली और अश्वगंधा के बीजों को बराबर मात्रा में मिश्री के साथ मिलाकर बारीक चूर्ण बनाकर एक चम्मच चूर्ण सुबह और शाम एक कप दूध के साथ लेने से शीघ्रपतन और वीर्य की कमी जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं। सफेद मुसली पुरुषों को शारीरिक तौर पर पुष्ट बनाने के अलावा वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में भी मदद करती है। यही नहीं, कई शोध अपने परिणाम बताते हैं कि डायबिटीज के बाद होने वाली नपुंसकता में भी सफेद मुसली सकारात्मक असर करती पाई गई है।  

औषधीय फसल सफेद मूसली की खेती

सफेद मूसली की औषधीय लाभकारी खेती
सफेद मूसली एक बहुत ही उपयोगी पौधा है, जो कुदरती तौर पर बरसात के मौसम में जंगल में उगता है. सफेद मूसली की जड़ों का इस्तेमाल आयुर्वेदिक और यूनानी दवाएं बनाने में किया जाता है. खासतौर पर इस का इस्तेमाल सेक्स कूवत बढ़ाने वाली दवा के तौर पर किया जाता है. सफेद मूसली की सूखी जड़ों का इस्तेमाल यौवनवर्धक, शक्तिवर्धक और वीर्यवर्धक दवाएं बनाने में करते हैं. इस की इसी खासीयत के चलते इस की मांग पूरे साल खूब बनी रहती है, जिस का अच्छा दाम भी मिलता है.