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agriculture

कृषि
कृषि एवं इससे संबद्ध क्षेत्र भारत की अधिकांश जनसंख्या, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों, के लिए आजीविका का मुख्य साधन है।यह सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के निर्धारण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। खाद्य सुरक्षा ,ग्रामीण रोजगार और पर्यावरण तकनीक जैसे की मृदा संरक्षण ,प्राकृतिक संसाधनो का प्रबंधन आदि के सन्दर्भ में स्थायी कृषि समग्र ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक है। समग्र ग्रामीण विकास हेतु भारतीय कृषि क्षेत्र हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, पीली क्रांति एवं नीली क्रांति का द्योतक रहा है। इस खंड में कृषि से संबंधित उत्पादों, मशीनरी, अनुसंधान इत्यादि के बारे जानकारी प्रदान की गई है।

दूर होगी दाल की किल्लत आईएआरआई के वैज्ञानिकों ने अरहर की तैयार की एक नई किस्म

दूर होगी दाल की किल्लत आईएआरआई के वैज्ञानिकों ने अरहर की  तैयार की एक नई किस्म

दाल कभी गरीबों का भोजन माना जाता था लेकिन अब दाल गरीबों के लिए एक दिवा स्वप्न से अधिक नही है दाल की किल्लत को देखते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के वैज्ञानिकों ने अरहर की एक नई किस्म तैयार की है जिसकी फसल न सिर्फ कम समय में पककर तैयार हो जाएगी बल्कि उससे उत्पादन भी अधिक होगा। इस किस्म के आने से जहां देश में दलहन का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है, वहीं यह किसानों के लिए विशेष फायदेमंद होगी।  दालों की आसमान छूती कीमतों के मद्देनजर एक राहत की खबर है।

अब जिंक राइस से लगेगी कुपोषण पर रोक

अब जिंक राइस से लगेगी कुपोषण पर  रोक

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने जिंक राइस की खोज की है, जिसमें जिंक की मात्रा सामान्य चावल से 8 माइक्रोग्राम अधिक है। इसमें पोषकता अधिक है। राइस के एक-एक दाने में आयरन, जिंक और विटामिन ए की मात्रा है, जिसे खाने से कुपोषण पर रोक लगने की उम्मीद है।

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