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सब्जियां

माह वार करें सब्जियों की खेती

संबंधित महीनों में उगाई जाने वाली सब्जियों का विवरण निम्‍नानुसार है :
माह फसलें
जनवरी
राजमा, शिमला मिर्च, मूली, पालक, बैंगन, चप्‍पन कद्दू
फरवरी
राजमा, शिमला मिर्च, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, फूलगोभी, बैंगन, भिण्‍डी, अरबी, एस्‍पेरेगस, ग्‍वार
मार्च
ग्‍वार, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, भिण्‍डी, अरबी
अप्रैल
चौलाई, मूली
मई 
फूलगोभी, बैंगन, प्‍याज, मूली, मिर्च

जड़ युक्त सब्जियों की जैविक खेती

हमारे जीवन में हरी पत्तेदार व जड़ वाली सब्जियों का महत्व है। जिसमें शलजम, मूली, गाजर, अरबी, कमल आदि अति आवश्यक है, जिसका अनुमान हम इस तथ्य से स्पष्ट कर सकते हैं कि विश्व में लगभग 46 करोड़ लोग कुपोषण के शिकार हैं। भारत में कुल जनसंख्या का बहुत बड़ा हिस्सा, विशेषकर महिलाएॅं तथा बच्चे कुपोषण से ग्रस्त हैं, जिसका मुख्य कारण आहार में कम सब्जियों का उपयोग होना है। आहार विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित आहार में प्रतिदिन मनुष्य को 285 ग्राम सब्जियाॅं लेनी चाहिए, जिसमें 100 ग्राम जड़ व कन्दीय सब्जियाॅं, 115 ग्राम पत्तेदार सब्जियाॅं एवं 75 ग्राम अन्य सब्जियाॅं होनी चाहिए। 

बेलवाली सब्जियों की अगेती खेती

बेलवाली सब्जियां जैसे लौकी, तोरई, तरबूज,खरबूजा, पेठा, खीरा, टिण्डा, करेला आदि की खेती मैदानी भागो में गर्मी के मौसम में मार्च से लेकर जून तक की जाती है. इन सब्जियों की अगेती खेती जो अधिक आमदनी देती है, करने के लिए पॉली हाउस तकनीक में जाड़े के मौसम में इन सब्जियों की नसर्री तैयार करके की जा सकती है. पहले इन सब्जियों की पौध तैयार की जाती है तथा फिर मुख्य खेत में जड़ो को बिना क्षति पहुँचाये रोपण किया जाता है. इन सब्जियों की पौध तैयार करने से अनेक लाभ हैं जो इस प्रकार हैं.

एक से डेढ़ माह अगेती फसल ली जा सकती है.

लतावाली सब्जियों की अगेती खेती

बेलवाली सब्जियां जैसे लौकी, तोरई, तरबूज,खरबूजा, पेठा, खीरा, टिण्डा, करेला आदि की खेती मैदानी भागो में गर्मी के मौसम में मार्च से लेकर जून तक की जाती है। इन सब्जियों की अगेती खेती जो अधिक आमदनी देती है, करने के लिए पॉली हाउस तकनीक में जाड़े के मौसम में इन सब्जियों की नसर्री तैयार करके की जा सकती है। पहले इन सब्जियों की पौध तैयार की जाती है तथा फिर मुख्य खेत में जड़ो को बिना क्षति पहुँचाये रोपण किया जाता है। इन सब्जियों की पौध तैयार करने से अनेक लाभ हैं जो इस प्रकार हैं।

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