Error message

  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).

काजू

काजू एक प्रकार का पेड़ है जिसका फल सूखे मेव के लिए बहुत लोकप्रिय है। काजू का आयात निर्यात एक बड़ा व्यापार भी है। काजू से अनेक प्रकार की मिठाईयाँ और मदिरा भी बनाई जाती है।

स्वादिष्ट और पौष्टिक से भरपूर काजू को ड्रायफ्रूट्स का राजा माना जाता है। महंगे होने के बावजूद यदि आप इसे नियमित रूप से खाते हैं तो इसके अनेक फायदे हैं। थकान को दूर करने और त्वचा की खूबसूरती बढ़ाने में सहायक काजू के बारे कहा जाता है कि सौ दवाइयां खाने की बजाए यदि आप काजू खाते हैं तो आपके शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद रहेगा।

मैगनीशियम, पोटैशियम, कॉपर, आयरन, मैगनीज, जिंक और सीलियम से भरपूर काजू खाने से शरीर को उर्जा मिलती है और मेटाबॉलिज्म ठीक होता है तथा दिल की बीमारी भी दूर रहती है। काजू का सूखे मेवे के रूप में सेवन किया जाता है। काजू से अनेक तरह की मिठाइयां व अन्य व्यंजन तैयार किए जाते है। सब्जियों में काजू डालकर उन्हें अधिक स्वादिष्ट बनाया जाता है।

काजू के पेड़ समुद्र के तटीय क्षेत्रों में अधिक होते है। भारत में सबसे ज्यादा काजू तमिलनाडु, बंगाल, केरल, और गोवा में बहुतायत से होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि पांच सौ साल पहले पुर्तगाली काजू को अमेरिका से लाए थे।

काजू की लाभकारी एवं उन्नत खेती

भूमि:
काजू को विभिन्न प्रकार की भूमियों में उगाया जा सकता है आमतौर पर इसे ढलवाँ भूमि में भूक्षरण रोकने के लिए उगाया जाता है वैसे इसके सफल उत्पादन के लिए गहरी दोमट भूमि उपयुक्त रहती है अधिक क्षारीय मृदाएँ इसके सफल उत्पादन में बाधक मानी गयी है पश्चिमी तटवर्ती क्षेत्रों में यह बालू के ढूहों पर भी अच्छी तरह उगता पाया गया है जिसमें कोई अन्य फसल नहीं उगाई जा सकती है