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आलू किसानों को राहत देने को मूड में केंद्र

आलू किसानों को राहत देने को मूड में केंद्र

उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश के आलू किसानों की बिगड़ती हालत को देखते हुए केंद्र सरकार हरकत में आ गई है। भारी घाटे की चपेट में आए खून के आंसू रो रहे किसानों को राहत देने के लिए आलू निर्यात बढ़ाने और राज्यों को कारगर पहल करने को कहा गया है।

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आदर्श गांवों को सिखाए जाएंगे खेती के गुर

आदर्श गांवों को सिखाए जाएंगे खेती के गुर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित 593 गांवों को अब आदर्श खेती के गुर सिखाए जाएंगे। आगामी खरीफ सीजन की खेती से ही कार्यक्रम की शुरुआत कर दी जाएगी। प्रत्येक आदर्श गांव में संचालित कार्यक्रम में वहां के किसानों को जैविक कृषि, खेतों की मिट्टी की जांच और फर्टिलाइजर के संतुलित प्रयोग के तौर-तरीके सिखाए जाएंगे।

फर्टिलाइजर के उपयोग से चौपट हो रहीं किसान की फसलें

फर्टिलाइजर के उपयोग से चौपट हो रहीं किसान की फसलें

 किसान जमीन से अच्छा उत्पादन चाहने के लिए फर्टिलाइजर का प्रयोग कर रहा है, लेकिन यह फर्टिलाइजर खेती को किसान के लिए फायदे की जगह नुकसान का धंधा बना रहा है। इसके प्रयोग से साल दर साल मिट्टी की उत्पादन क्षमता कम हो रही है और किसान की फसलें चौपट हो रही हैं। मिट्टी की उत्पादन क्षमता और उत्पादन कम होने से किसान का नुकसान भी बढ़ रहा है। यह तथ्य जिले के लगभग तीन हजार किसानों के खेतों की मिट्टी के परीक्षण में सामने आई है।

कैसे बढ़ रहा नुकसान

केले की खेती कर हो रहे मालामाल, दो हजार हेक्टेयर में की बुआई

केले की खेती कर हो रहे मालामाल, दो हजार हेक्टेयर में की बुआई

फसल बर्बादी से हुए नुकसान की भरपाई व बाजार की मांग पर किसानों ने अब परंपरागत खेती से ध्यान हटाकर फलों और सब्जियों की बुआई जोर दिया है। गेहूं, धान की फसलों से अलग हट कर किसान केला, आलू और हरी सब्जियों की खेती कर रहे हैं। प्रगतिशील किसानों ने बताया कि इनकी खेती में गेहूं, धान की अपेक्षा दो तीन गुना ज्यादा फायदा है। साथ ही उपज की बिक्री के लिए भी ज्यादा माथापच्ची नहीं करनी पड़ती है। कृषि वैज्ञानिकों के लगातार प्रयास से केला की खेती में हर वर्ष बढ़ोतरी हो रही है। अब जिले के भिटौरा, हंसवा, तेलियानी और बहुआ विकास खंड क्षेत्र के किसानों ने केला की खेती को प्रमुखता से करके लाभ कमा रहे हैं।

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