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वर्षा कम हो या ज्यादा, फसल के नुकसान का भुगतान होगा

कृषि हमेशा से ज़ोखिम भरा व्यवसाय रहा है। जहां विकसित देशों के किसान बुरे कृषि वर्ष से निबटने के लिए विभिन्न अनुबंध, वित्तीय उत्पाद एवं बीमा का सहारा लेते हैं, वहीं भारत जैसे विकासशील देश के गरीब किसान जिन्हें इसका ज्य़ादा फायदा उठाना चाहिए, 5 प्रतिशत से भी कम किसानों ने वर्षा बीमा पॉलिसी खऱीदी है। 
भारतीय कृषि का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह से वर्षा पर निर्भर रहता है। चूंकि, भारत में अधिकतर वर्षा मॉनसून के महीनों में होती है, फसल उपजाने की अवधि बहुत छोटी होती है। मॉनसून में कम या ज्य़ादा वर्षा होने पर व अचानक होने वाली छिटपुट वर्षा से फसल की पैदावार बुरी तरह से प्रभावित होती है। एक अध्ययन के अनुसार, सिर्फ वर्षा में विविधता के कारण हीं पैदावार में 50 प्रतिशत तक का अंतर हो जाता है।
मौसम विशेषकर वर्षा का पूर्वानुमान लगाना बेहद मुश्किल होता है। ऐसी परिस्थितियों में किसानों की माली हालत ठीक होने के बजाय दिन-प्रतिदिन खराब होती चली जाती है। हर साल देश का कोई न कोई हिस्सा सूखा या बाढ़ के चपेट में आता है। किसानों को इसी नुकसान से बचाने के उद्देश्य से वर्षा बीमा पॉलिसी की शुरुआत की गई थी।
वर्षा बीमा एक तरह का मौसम पर आधारित बीमा है। जो अनुमान से कम वर्षा के कारण फसल की उपज में होने वाली कमी को कवर करता है। वर्षा बीमा सभी वर्ग के किसानों के लिए वैकल्पिक उपाय है। जिन्हें कम या अधिक वर्षा के कारण फसलों के नुकसान की आशंका रहती है। आरंभिक तौर पर वर्षा बीमा उन किसानों के लिए बनाया गया है जिनके लिए राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना वैकल्पिक है और ‘मौसम आधारित फ सल बीमा योजना’ उपलब्ध नहीं है।

वर्षा बीमा के मुख्य लाभ 
इस योजना के तहत अपेक्षित वर्षा नहीं होने के कारण पैदावार में हुई कमी का मुआवज़ा मिलता है। कर्जदार या गैर कर्जदार, लघु या सीमांत, मालिक, बटाईदार या ठेकेदार सभी वर्ग के किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। क्लेम का निबटारा अपने आप और जल्दी लगभग बीमा अवधि के 15 दिनों के भीतर कर दिया जाता है। यह योजना बिल्कुल पारदर्शी एवं उद्देश्यपूर्ण है, जिसे किसानों की जरूरतों को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है। इसका प्रीमियम लचीला है और कवरेज के कई विकल्प मौजूद हैं। जैसे बुआई विफलता, मौसमी वर्षा, वर्षा सूचकांक, फलने-फूलने के चरण आदि। किसान अपनी जरूरत के हिसाब से किसी एक या अधिक विकल्पों का चयन कर सकता है।

वर्षा बीमा में कवरेज के विभिन्न विकल्प
बुआई विफलता बीमा- इस विकल्प के तहत 15 जून से 15 अगस्त के बीच वर्षा में 40 प्रतिशत तक की कमी का कवरेज किया जाता है। बुआई नहीं कर पाने की स्थिति में किसान को नुकसान की शत प्रतिशत भरपाई किया जाता है।
मौसमी वर्षा बीमा
इस विकल्प के तहत पूरे मौसम में सामान्य वर्षा से 20 प्रतिशत कम वास्तविक वर्षा होने पर कवर किया जाता है। वास्तविक वर्षा जून से नवंबर के बीच होती है (लघु व मध्यम अवधि की फसलों के लिए जून से अक्टूबर तक)।
वर्षा वितरण सूचकांक
इसके तहत कवरेज सामान्य वर्षा सूचकांक से 20 प्रतिशत के उतार चढ़ाव के लिए होता है। वर्षा सूचकांक पूरे मौसम के लिए साप्ताहिक आधार पर तैयार होता है।
फलने-फूलने का चरण
इस विकल्प के तहत वास्तविक वर्षा और सामान्य वर्षा में 1 अगस्त से 16 अगस्त और 30 सितंबर से 31 अक्टूबर के बीच की अवधि में 40 प्रतिशत के उतार-चढ़ाव के लिए कवरेज उपलब्ध है।
बीमा कहां से खरीदें
पॉलिसी खरीदने हेतु आवश्यक प्रस्ताव फॉर्म सभी ऋ ण वितरण केंद्रों जैसे- सभी सहकारी बैंकों, वाणिज्यिक तथा ग्रामीण बैंकों की पीएसी शाखाओं में उपलब्ध होता है। वर्षा बीमा का कवरेज अधिकांशत: राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना की तरह ग्रामीण वित्त संस्थानों, विशेषकर सहकारी संस्थाओं द्वारा ही किया जाता है।
कृषि बीमा कंपनी
इसके साथ ही गैर-सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूह, किसान समूह से भी वर्षा बीमा कराया जा सकता है। किसान इनमें से किसी की भी नज़दीकी शाखा से संपर्क कर सकते हैं। वर्षा बीमा पॉलिसी खरीदने का समय बुआई विकल्प के लिए 15 जून तक, जबकि अन्य विकल्पों के लिए 30 जून तक है।
बीमा का क्लेम कैसे करें
इस बीमा पॉलिसी की सबसे खास बात यह है कि इसका निबटारा स्वत: होता है। बीमाधारक किसान को किसी किस्म का क्लेम दायर करने की जरूरत नहीं होती। बीमा की अवधि समाप्त होते ही मौसम विज्ञान केंद्र से वर्षा के आंकड़े मंगाए जाते हैं और उनका तुलनात्मक अध्ययन करने के बाद परिणाम की जानकारी सार्वजनिक कर दी जाती है और फि र किसी खास फ सल के लिए वर्षा का आंकड़ा तैयार किया जाता है। इसके बाद यदि वर्षा कम पाई जाती है, तो बीमाधारक किसान को क्लेम का भुगतान कर दिया जाता है।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
1. एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड, मेरीगोल्ड बिल्डिंग, दूसरी मंजिल, 4-शाहनजफ रोड, हजऱतगंज, लखनऊ, फोन नं-0522 2621173
2. एचडीएफ सी अर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी, दूसरी मंजिल, रतन स्क्वायर, विधान सभा मार्ग, लखनऊ- 226001, फोन नं-0522-3988360
3. युनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, आरिफ चैम्बर्स, 1-कपूरथला बाग, फोन नं-0522-2321963
4. आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड 3, दूसरी मंजि़ल, स्पीड बिल्डिंग, शाहनजफ़ मार्ग, फोन नं: 0522-3018570