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घर पर बनाएं जैविक खाद

खेत की उर्वरकता बढ़ाएं आसानी से बनाएं जैविक खाद

किसान अपनी फसल की अच्छी पैदावार के लिये विभिन्न तरह की रसायनिक खादों का इस्तेमाल करते हैं। खेती में रसायनिक खादों के इस्तेमाल से फसल के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरक क्षमता पर भी असर पड़ता है। ऐसे में किसान जैविक खाद अपना कर अपनी फसल की पैदावार के साथ-साथ जमीन की उर्वरता भी बढ़ा सकते हैं।

जैविक खाद बनाने का आसान तरीका

एक ड्रम में गोबर डालकर इसमें गोमूत्र मिलालें, फिर इसमें गुड़ (उपयोग में ना आने वाला गुड़) मिलाएं। इसमें पिसी हुई दालों व लकड़ी का चोकर डाल दें। आखिर में इस मिश्रण को एक किलो मिट्टी में सान लें।10 किलो गोबर

  • 10 लीटर गोमूत्र
  • एक किलो गुड
  • एक किलो लकड़ी का चोकर
  • एक किलो मिट्टी

मिश्रण की मात्रा

इन पांच तत्वों को आपस मे (हाथ से या किसी लकड़ी के डंडे से) मिला दें। मिश्रण बन जाने के बाद इसमें एक से दो लीटर पानी डाल दें। अब इसे 20 दिनों तक ढक कर रख दीजिए। ध्यान रखें की इस ड्रम पर धूप न पड़े। अच्छी खाद पाने के लिए इस घोल को प्रतिदिन एक बार अवश्य मिलाएं। 20 दिन बाद ये खाद बन कर तैयार हो जाएगी। यह खाद सूक्ष्म जीवाणु से भरपूर रहेगी जो खेत की मिट्टी की सेहत के लिये अच्छी रहेगी।

जैविक खाद में पाए जाने वाले जीवाणुओं का महत्व

  • पोधे की जड़ को आयरन उपलब्ध करना।
  • नाइट्रोजन प्रदान करना।
  • कैल्शियम की सही मात्रा सुनिश्चित करना।
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