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उद्यमिता और रोजगार से ही जैविक खेती सम्भव : डॉ आर.के.सिंह

जैविक में उद्यमिता और रोजगार : डॉ आर.के.सिंह

किसान जागरूक होने से किसान द्वारा जैविक खेती का जोर लगातार kisanhelp द्वारा दिया जाता रहा है। डॉ आर.के.सिंहने एक कार्यक्रम कहा कि जैविक खेती वर्तमान समय की जरुरत है साथ ही बहुत सारे पड़े लिखे किसान बंधू इसे उद्योग बना कर एक अच्छा मंच प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि "जैविक उत्पाद के व्यापार में जैविक आदान की आवश्यकता, नई तकनीक का विकास, और प्रसार के लिये प्रशिक्षण मानव संसाधन की जैविक कृषि के क्षेत्र में आवश्यकता बढ़ रही है। जैविक कृषि स्वफार्म के साथ-साथ एक व्यवसायिक गतिविधि है। जिसमें जैविक आदान उत्पादन यूनिट, प्रसंस्करण यूनिट, अनुसंधान संगठन, सूचना और तकनीकी प्रबंधन केन्द्र, सलाहकार सेवा केन्द्र, गुणवता जांच केन्द्र आदि के क्षेत्र में उद्यमिता विकास और रोजगार के पर्याप्त अवसर है।

जैविक कृषि क्लीनिक : जैविक कृषि से सम्बन्धित समस्या समाधान के लिए जैविक कृषि क्लीनिक का विकास समय की मांग है। कृषि स्नातक और उद्यमियों के लिए रोजगार का यह नया अवसर है।
जैविक आदान उत्पादन : जैविक कृषि से सम्बन्धित विभिन्न आदानों की बाजार मांग धीरे-धीेरे बढ़ रही है। अत: कम्पोस्ट, जैव कीटनाशक, हर्बल सत आदि का व्यापारिक उत्पादन करके बाजार में नये अवसर प्राप्त किये जा सकते है।
सेवादात : जैविक कृषि की अच्छी समझ रखने वाले व्यक्ति अथवा संगठन एपीड़ा से प्रशिक्षण प्राप्त कर जैविक कृषि क्षेत्र में संवाददाता का कार्य कर सकते है।
जैविक बीज और नर्सरी पौध : जैविक बीज की उपलब्धता बाजार में नगण्य है। अत: प्रमाणित जैविक बीज और नर्सरी पौध का कार्य क्षेत्र विकसित किया जा सकता है।
डेयरी विकास : जैविक दूध और सम्बन्धित उत्पाद के क्षेत्र में व्यक्तिगत अथवा सामूहिक रोजगार के अवसर पैदा किये जा सकते है।
नये उत्पाद का विकास : जैविक उत्पादन सिद्धान्तों के आधार पर पर्यावरणीय सुयोग्य नये प्रकार के आदानों का विकास महत्वपूर्ण चुनौति है। जिसके लिए उद्यमी और कृषि क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलकर कार्य शुरू कर सकते है।
सूचना प्रबंधन : जैविक कृषि में बाजार अनुसंधान, उपभोक्ता सर्वे, प्रीमियम मूल्य, सरकारी प्रोत्साहन कार्यक्रम आदि की सूचना तक तत्काल पहुंच के लिए विशेषज्ञ सेवाओं की जरूरत होती है। इच्छुक और निपुण व्यक्तियों के लिये यह नया और अच्छा व्यवसाय हो सकता है।
प्रशिक्षण केन्द्र खोलना : जैविक कृषि संबंधी समझ विक सित करने के लिए विशेष कौशल विकास केन्द्र खोले जा सकते है।
प्रमाणीकरण संस्था की स्थापना : सक्षम व्यक्ति बाजार की आवश्यकता के अनुसार अंतरराष्ट्रीय मानदण्ड़ो के आधार पर प्रमाणीकरण संस्था की शुरूआत कर सकते है।
मॉडल जैविक फार्म : फसल उत्पादन, डेयरी फार्म अथवा मिश्रित खेती के पारिस्थितिकीय आदर्श फार्म स्थापित कर बाजार विशेष की जैविक उत्पादों की मांग पूरी की जा सकती है। अतरराष्ट्रीय व्यापार में विश्वसनीय बनकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।
इको भ्रमण : जैविक फार्म ओर प्राकृतिक रूप से रख-रखाव के स्थानों पर इको भम्रण में लोगो की रूचि बढ़ रही है। जहां लोग जैविक खाद्य भोजन आदि व्यवस्थाओं को पसंद करते है। भारत में जैविक कृषि फार्म भ्रमण का प्रचलन बढ़ रहा है।
दूसरे विकल्प : जैविक रेस्टोरेंट खोलना, जैविक कृषक पाठशाला का संचालन।"