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आंचलिक कृषि मेले के तीसरा दिन

आंचलिक कृषि मेले के तीसरा  दिन

भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) इज्जतनगर में आयोजित उत्तर क्षेत्रीय आंचलिक कृषि मेले के तीसरे दिन ग्रामीण महिलाओं की चारा कटाई प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही। दो-दो महिलाओं के दो सौ ग्रुप ने इस प्रतियोगिता में भरपूर उत्साह के साथ भाग लेकर पांच किलो पूले का चारा काटने में देर नहीं लगाई। मशीन पर महज 22 सेकेंड में चारा काट देने वाली मुडिया गांव की कमला और सविता की जोड़ी ने प्रथम पुरस्कार हासिल किया। अब्दुल्लापुर की सोमवती और धनदेवी ने 26 सेकेेंड में चारा काट कर दूसरा तथा रूपापुर गांव की महिमा और मंजू ने 31 सेकेंड में चारे की कटाई करके तीसरा पुरस्कार जीता।
सर्जरी विभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रेखा पाठक, पशुधन विभाग की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. गीता चौहान और विकृति विज्ञान विभाग की वैज्ञानिक डॉ. मोनालिसा की देखरेख में चारा कटाई प्रतियोगिता हुई। इस मौके पर विभिन्न गांव से आईं महिलाओं के 22 ग्रुप ने ढोलक की थाप पर लोकगीत और भजन भी गाए। पंजाब के पशु चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. केवल अरोरा की ओर से प्रस्तुत- आज हम बरेली के मेले में जाएंगे, कृष्ण की गाय को चारा खिलाएंगे... गीत सबको बहुत पसंद आया। पशु प्रतियोगिताओं में वेदपाल सिंह की देशी बछिया को सर्वोत्तम पशु पुरस्कार से नवाजा गया। उत्तम घोड़ा-घोड़ी प्रतियोगिता में नरेश पाल और सूरज पाल को पुरस्कार दिया गया। उत्तम सांड प्रतियोगिता में प्रदीप यादव का सांड विजेता बना। कृषि उत्पादन प्रतियोगिता में सैदपुर हाकिन्स के कौशल मौर्या प्रथम रहे। हरीश भल्ला ने द्वितीय पुरस्कार जीता। मेला में लगे स्टाल्स पर कृषकों और पशुपालकों ने तमाम जानकारियां हासिल कीं। आईवीआरआई के पूर्व निदेशक डॉ. एमपी यादव, राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. पीके उप्पल और गौसंवर्द्धन के लिए कार्य करने वाले स्वामी चिन्मयानंद ने भी संस्थान के निदेशक डॉ. आरके सिंह के साथ सभी स्टालों का भ्रमण किया।

पशु को साफ सुधरा रखें
कृषि मेले में तीसरे दिन हुई कृषक गोष्ठी में विशेषज्ञों ने कृषि और पशुपालन से संबंधित तमाम जानकारियां दीं। आईवीआरआई के परजीवी विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हीरा राम ने बताया कि गांवों के तालाब काफी गंदे रहते हैं इसलिए किसानों को उनकी सफाई के लिए भी प्रयास करना चाहिए, क्योंकि इन तालाबों में पानी पीने और स्नान करने से घोघे और गंदगी से रक्तविकार, पिस्सू और त्वचा संबंधित संक्रमण फैलता है। पशुपोषण विभाग के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. नारायण दत्त ने पशुओं को अच्छा चारा देने, कृषि ज्ञान केंद्र के डॉ. अजय सेन ने बागवानी तथा फार्मिंग और डॉ. संजीव सक्सेना ने पशु प्रजनन से संबंधित जानकारियां पशुपालकों को दी। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मृदुला शर्मा ने गर्भवती महिलाओं की देखभाल और खून की कमी के साथ ही छोटे बच्चों की सही से देखभाल की जानकारी दी।
सर्जरी विभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रेखा पाठक, पशुधन विभाग की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. गीता चौहान और विकृति विज्ञान विभाग की वैज्ञानिक डॉ. मोनालिसा की देखरेख में चारा कटाई प्रतियोगिता हुई। इस मौके पर विभिन्न गांव से आईं महिलाओं के 22 ग्रुप ने ढोलक की थाप पर लोकगीत और भजन भी गाए। पंजाब के पशु चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. केवल अरोरा की ओर से प्रस्तुत- आज हम बरेली के मेले में जाएंगे, कृष्ण की गाय को चारा खिलाएंगे... गीत सबको बहुत पसंद आया। पशु प्रतियोगिताओं में वेदपाल सिंह की देशी बछिया को सर्वोत्तम पशु पुरस्कार से नवाजा गया। उत्तम घोड़ा-घोड़ी प्रतियोगिता में नरेश पाल और सूरज पाल को पुरस्कार दिया गया। उत्तम सांड प्रतियोगिता में प्रदीप यादव का सांड विजेता बना। कृषि उत्पादन प्रतियोगिता में सैदपुर हाकिन्स के कौशल मौर्या प्रथम रहे। हरीश भल्ला ने द्वितीय पुरस्कार जीता। मेला में लगे स्टाल्स पर कृषकों और पशुपालकों ने तमाम जानकारियां हासिल कीं। आईवीआरआई के पूर्व निदेशक डॉ. एमपी यादव, राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. पीके उप्पल और गौसंवर्द्धन के लिए कार्य करने वाले स्वामी चिन्मयानंद ने भी संस्थान के निदेशक डॉ. आरके सिंह के साथ सभी स्टालों का भ्रमण किया।

पशु को साफ सुधरा रखें
कृषि मेले में तीसरे दिन हुई कृषक गोष्ठी में विशेषज्ञों ने कृषि और पशुपालन से संबंधित तमाम जानकारियां दीं। आईवीआरआई के परजीवी विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हीरा राम ने बताया कि गांवों के तालाब काफी गंदे रहते हैं इसलिए किसानों को उनकी सफाई के लिए भी प्रयास करना चाहिए, क्योंकि इन तालाबों में पानी पीने और स्नान करने से घोघे और गंदगी से रक्तविकार, पिस्सू और त्वचा संबंधित संक्रमण फैलता है। पशुपोषण विभाग के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. नारायण दत्त ने पशुओं को अच्छा चारा देने, कृषि ज्ञान केंद्र के डॉ. अजय सेन ने बागवानी तथा फार्मिंग और डॉ. संजीव सक्सेना ने पशु प्रजनन से संबंधित जानकारियां पशुपालकों को दी। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मृदुला शर्मा ने गर्भवती महिलाओं की देखभाल और खून की कमी के साथ ही छोटे बच्चों की सही से देखभाल की जानकारी दी।

अमर उजाला बरेली